दिल्ली में पानी की कमी की समस्या को दूर करने लिए दिल्ली सरकार की यह योजना खासी अहम है। इसके तहत पल्ला और वजीराबाद के बीच एक बड़ा जलाशय बनाया जाएगा। इस प्रॉजेक्ट के तहत यमुना फ्लड प्लेन में छोटे-छोटे तालाब बनाए जाएंगे, जिनमें बारिश के दौरान यमुना में बहने वाले पानी को जमा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि इस योजना पर काम अब जल्द शुरू हो जाएगा। उन्होंने लिखा, मुझे सभी दिल्लीवासियों को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि यमुना फ्लड प्लेन में हमारी जल संरक्षण परियोजना को एनजीटी और केंद्र सरकार ने सभी मंजूरी दे दी है। शुक्रिया केंद्र और एनजीटी। पायलट प्रॉजेक्ट जल्द शुरू होंगे।

सारी मंजूरी केवल 45 दिनों में
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मुख्यमंत्री की निजी पहल और निगरानी से केवल 45 दिनों में सभी जरूरी मंजूरी सरकार को मिल गई हैं। अपर यमुना रिवर बोर्ड (यूआरवाईबी), सीजीडब्ल्यूबी, एनएमसीजी, सीडब्ल्यूसी, एनजीटी मॉनिटरिंग कमिटी, एनजीटी प्रिंसिपल कमिटी से मंजूरी मिली। दिल्ली कैबिनेट में तीन जुलाई को इस योजना को मंजूरी दी गई और उसके बाद 10 जुलाई को किराए पर ली जाने वाली जमीन के किराए पर फैसला लिया गया। अब एनजीटी से भी अंतिम मंजूरी मिल गई है।

अधिकारियों का कहना है कि इस पायलट प्रॉजेक्ट की मुख्यमंत्री हर रोज समीक्षा कर रहे हैं और लगातार निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि केवल पानी का रिसाइकल और रिचार्ज ही दिल्ली में पानी की कमी की समस्या का समाधान है। गर्मियों के मौसम में पानी की समस्या को भी अब दूर किया जा सकेगा।

दिल्ली सरकार का कहना है कि केंद्र की तरफ से समय पर मंजूरी मिल जाने की वजह से इस परियोजना के लिए जमीनी कार्यों के लिए जरूरी वक्त मिल गया। केंद्र सरकार की तरफ से समय पर मंजूरी मिलने और पूर्ण सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को धन्यवाद भी दिया था।

नया मॉडल देगी दिल्ली
यमुना फ्लड प्लेन में पानी जमा करने का प्रॉजेक्ट देश का अपने तरह का पहला प्रॉजेक्ट है। पानी के रिसाइकल और रिचार्ज का कॉन्सेप्ट ज्यादातर विकसित देशों में सुनने को मिलता है।

क्या है योजना?
पल्ला से लेकर वजीराबाद तक यमुना के किनारे (फ्लड प्लेन) पर छोटे-छोटे तालाब बनाए जाएंगे। हाल ही में दिल्ली कैबिनेट की बैठक में यमुना के किनारे प्राकृतिक जल स्टोर करने के देश के अपने तरह के पहले पायलट प्रॉजेक्ट से संबंधित इंटर-डिपार्टमेंटल कमिटी की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई थी।

Source :  Navbharattimes

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